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लोक कला रत्न पुरस्कार -२०२१ । विश्व के सर्वश्रेष्ठ भारतीय लोक कलाकार

लोक कला रत्न पुरस्कार २०२१ – भारतीय लोक कलाकारों के लिए उत्तम पुरस्कार है |

अंतरराष्ट्रीय युवा कला प्रतियोगिता २०२१ की सफलता के बाद अंतरराष्ट्रीय भारतीय लोक कला संग्रालय (IIFAG) ने भारतीय लोक कलाकारों और उनकी प्रतिभाओं को पहचानकर प्रोत्साहन दे रहे हैं |

लोक कला रत्न पुरस्कार -२०२१

(IIFAG) लोक कला रत्न पुरस्कार २०२१, संसार के सर्वश्रेष्ठ भारतीय लोक कलाकारों को आवेदन के लिए आमंत्रित करता है |

IIFAG ऑस्ट्रेलिया द्वारा लोक कला रतन पुरस्कार २०२१, वार्षिक अंतरराष्ट्रीय लोक कला एवं ONLINE प्रदर्शनी प्रस्तुत की जा रही है | यह प्रतियोगिता विश्व के सभी नागरिकों को आमंत्रित करती है | ज्यादा जानकारी के लिए यहां क्लिक करें

₹ २८०००० कुल पुरस्कार राशि (ACQUISITIVE PRIZE)

भारतीय कलाकार, पाँच में से किसी एक लोक कला वर्ग में भाग ले सकते हैं| इन लोक कला वर्गों को पाँच भारतीय क्षेत्रों के अनुसार बाँटा गया है | पाँच भारतीय लोक कला क्षेत्र जैसे : उत्तरीय, पूर्वीय, दक्षिणी, पश्चिमी एवं मध्यीय | कृपया निम्नलिखित भारतीय लोक कला के वर्गीकरण को देखें |

IIFAG, बच्चों, युवाओं, शौकिया और पेशेवर कलाकारों को आमंत्रित कर रहा है |

इन्हीं छह वर्गों में से हर वर्ग से एक कलाकार को विजेता चुना जाएगा | इसके अतिरिक्त प्रति वर्ग में से उच्चय क्षेणी के कलाकार को भारतीय लोक कला रत्न पुरस्कार २०२१ दिया जाएगा | सभी विजेताओं को नगद पुरस्कार, प्रमाण पत्र एवं निःशुल्क Online व्यक्तिगत संग्रालय दिया जाएगा |

भारतीय लोक कलाओं का वर्गीकरण :

  1. भारतीय लोक कला – दक्षिणीय क्षेत्र
  2. भारतीय लोक कला – उत्तरीय क्षेत्र
  3. भारतीय लोक कला – मध्यीय क्षेत्र
  4. भारतीय लोक कला – पूर्वीय क्षेत्र
  5. भारतीय लोक कला – पश्चिमीय क्षेत्र

कलाकारों का समुह वर्गीकरण :

  1. समूह A : बाल कलाकार समुह (१२ वर्ष एवं १२ वर्ष के नीचे)
  2. समूह B : युवा कलाकार समुह (१३ वर्ष – १८ वर्ष तक)
  3. समूह C : शौकिया कलाकार समुह
  4. समूह D : पेशेवार कलाकार समुह

लोक कला रत्न पुरूस्कार २०२१, अंतरराष्ट्रीय भारतीय लोक कला प्रतियोगिता पंजीकरण १५ अगस्त से ३० सितम्बर २०२१ तक खुला रहेगा | विजेता १४ नवम्बर २०२१ को घोषित किया जाएगा |

नगद पुरस्कार  (ACQUISITIVE PRIZE)

लोक कला रत्न पुरस्कार २०२१ हर क्षेत्रीय वर्ग में से एक कलाकार को विजेता घोषित किया जाएगा | उच्चतर मूल्यांकन, जजों और पब्लिक वोटिंग के आधार पर विजेता घोषित किया जाएगा |

  1. लोक कला रत्न पुरस्कार २०२१, समूह A(नगद पुरस्कार ₹ १०,०००)
  2. लोक कला रत्न पुरस्कार २०२१, समूह B(नगद पुरस्कार ₹ १५,०००)
  3. लोक कला रत्न पुरस्कार २०२१, समूह C(नगद पुरस्कार ₹ २५,०००)
  4. लोक कला रत्न पुरस्कार २०२१, समूह D(नगद पुरस्कार ₹ ३०,०००)

इसके अतिरिक्त निम्नलिखित वर्गों के आधार पर २० विजयेताओं को नगद पुरस्कार दिया जाएगा |

समूह A

  1. भारतीय लोक कला दक्षिणीय शैली (नगद पुरस्कार ₹ ५०००)
  2. भारतीय लोक कला उत्तरीय शैली (नगद पुरस्कार ₹ ५०००)
  3. भारतीय लोक कला मध्यीय शैली (नगद पुरस्कार ₹ ५०००)
  4. भारतीय लोक कला पूर्वीय शैली (नगद पुरस्कार ₹ ५०००)
  5. भारतीय लोक कला पश्चिमीय शैली (नगद पुरस्कार ₹ ५०००)

समूह B

  1. भारतीय लोक कला दक्षिणीय शैली (नगद पुरस्कार ₹ ७५००)
  2. भारतीय लोक कला उत्तरीय शैली (नगद पुरस्कार ₹ ७५००)
  3. भारतीय लोक कला मध्यीय शैली (नगद पुरस्कार ₹ ७५००)
  4. भारतीय लोक कला पूर्वीय शैली (नगद पुरस्कार ₹ ७५००)
  5. भारतीय लोक कला पश्चिमीय शैली (नगद पुरस्कार ₹ ७५००)

समूह C

  1. भारतीय लोक कला दक्षिणीय शैली (नगद पुरस्कार ₹ १२५००)
  2. भारतीय लोक कला उत्तरीय शैली (नगद पुरस्कार ₹ १२५००)
  3. भारतीय लोक कला मध्यीय शैली (नगद पुरस्कार ₹ १२५००)
  4. भारतीय लोक कला पूर्वीय शैली (नगद पुरस्कार ₹ १२५००)
  5. भारतीय लोक कला पश्चिमीय शैली (नगद पुर स्कार ₹ ७५००)

समूह D

  1. भारतीय लोक कला दक्षिणीय शैली (नगद पुरस्कार ₹ १५०००)
  2. भारतीय लोक कला उत्तरीय शैली (नगद पुरस्कार ₹ १५०००)
  3. भारतीय लोक कला मध्यीय शैली (नगद पुरस्कार ₹ १५०००)
  4. भारतीय लोक कला पूर्वीय शैली (नगद पुरस्कार ₹ १५०००)
  5. भारतीय लोक कला पश्चिमीय शैली (नगद पुरस्कार ₹ १५०००)

हमें इस वर्ष आशा है की लोक कला रत्न पुरस्कार २०२१ के कारण बच्चों, युवाओं, शौकिया और पेशेवर कलाकारों की उच्चय स्तर की कलाकृतियों को देखने का आनंद प्राप्त होगा |

सभी प्रतियोगी कलाकारों को अभिनन्दन एवं शुभ कामनाएँ |

निष्ठा से

सैन्दिल वेल

संस्थापक – भारतीय अंतरराष्ट्रीय लोक कला संग्रालय

9 comments on “लोक कला रत्न पुरस्कार -२०२१ । विश्व के सर्वश्रेष्ठ भारतीय लोक कलाकार

Good achieve

में ममता देवी चकरी लोक नृत्य कलाकार राजस्थान से हूं और में अपनी कला का प्रदर्शन करना चाहती हूं मेरी लोक कला इस प्रकार है मैं एक राजस्थान के कोटा बारा अंचल क्षेत्र की चकरी लोक नृत्य कलाकार हूं और यह लोक नृत्य पारंपारिक लोक नृत्य हैं जो देशों में विदेशों में भी अपनी लोक नृत्य की छवि बना चुका है इस नृत्य को हम पारंपारिक युग से ही करते आ रहे हैं और यह नृत्य राजा जंभोजी और राजा भोज के टाइम जब बिजोरी कंजरी पैदा हुई थी तो उन्होंने उनका नृत्य देखकर बहुत प्रसन्न हुए और उनसे एक शर्त रखी थी कि आप उदयपुर राजस्थान का तालाब कच्चे सूट के ऊपर डांस करते हुए हमारे महल तक आ जाएंगे तो हम अपने राज्य का आधा हिस्सा आपको दे देंगे जैसे ही बिजोरी कंजरी अपने नृत्य का प्रदर्शन करते हुए उनके नजदीक पहुंची तो उन्होंने छल के साथ सूत की राशि को काट दिया और वह शर्त हार गई और उसी वक्त से ही लोक नृत्य कंजर समाज की महिलाओं एवं बिजोरी कंजरी के द्वारा किया जाता है इस नृत्य में खास विशेषता यह है कि इसमें मे 5 से 10 मिनट तक चक्कर लेते हुए गोल गोल घेरे में घूमते हैं मगर महिला को कोई चक्कर नहीं आता है इसमें वादक अपने ढोलक मजीरा नगाड़ा बजा जाता है और अस्सी कली का घाघरा चोली आदि सोलह सिंगार करके महिलाएं नृत्य को करती है खुशी का कोई भी पर हो इस नृत्य को किया जाता है

नमस्ते ममता जी, जानकारी के लिए धन्यवाद। बहुत ही रोचक। यह भारतीय लोक कला प्रतियोगिता केवल ड्राइंग और पेंटिंग के लिए है

Senthil

sir How charge

Hi sir

Sir i am intrested

You can Enrol online, if you need any help, please Whatsapp +61414297179

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